रांची। झारखंड में हाई स्कूल शिक्षक नियुक्ति-2016 का मामला एक बार फिर चर्चा में है। नियुक्ति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मेरिट लिस्ट को लेकर उठे सवालों के बीच वन मैन फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जवाब मांगा है। मामले की अंतिम सुनवाई अब 25 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।
जानकारी के अनुसार, स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 के तहत हुई नियुक्तियों में संभावित गड़बड़ियों की जांच कर रही कमेटी ने आयोग से रिक्त पदों की स्थिति और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
15 अक्टूबर तक अभ्यर्थियों को देना होगा पूरा ब्योरा
सुनवाई के दौरान कमेटी ने याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ताओं को अभ्यर्थियों से संबंधित विस्तृत जानकारी टेबुलर चार्ट में उपलब्ध कराने के लिए 15 अक्टूबर तक का अंतिम अवसर दिया है। वहीं, JSSC और राज्य सरकार को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए 24 अक्टूबर तक का समय दिया गया है।
एक परीक्षा, लेकिन दो मेरिट लिस्ट पर विवाद
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल एक ही प्रतियोगिता परीक्षा के लिए जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय दो अलग-अलग मेरिट लिस्ट तैयार किए जाने को लेकर है।
अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस व्यवस्था के कारण बेहतर अंक प्राप्त करने वाले कई उम्मीदवार नियुक्ति से वंचित रह गए, जबकि उनसे कम अंक पाने वाले कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल गई।
17,786 पदों पर होनी थी नियुक्ति
वर्ष 2016 में शुरू हुई इस शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया के तहत कुल 17,786 पदों पर नियुक्ति प्रस्तावित थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें से लगभग 10 हजार पदों पर नियुक्तियां हुईं, जबकि शेष पद रिक्त रह गए।
25 अक्टूबर पर टिकी अभ्यर्थियों की नजर
अब इस मामले में 25 अक्टूबर को होने वाली अंतिम सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कमेटी के सामने पेश होने वाले दस्तावेज और अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए तथ्यों के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ी कथित विसंगतियों की जांच आगे बढ़ेगी।
झारखंड के हजारों शिक्षक अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि इस जांच से लंबे समय से चले आ रहे विवाद पर स्थिति स्पष्ट होगी और योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिल सकेगा।
रिपोर्ट: Local News 24 | रांची












