
राजधानी रांची में दुर्गा पूजा का उत्साह अब अपने चरम पर पहुंचने लगा है। शहर में इस बार दुर्गोत्सव को लेकर एक खास बदलाव देखने को मिल रहा है। पहली बार नौ प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों के पट चतुर्थी के दिन याने आज से ही श्रद्धालुओं के लिए खोलने की तैयारी की गई है। इससे भक्तों को अष्टमी और नवमी की भारी भीड़ से पहले ही मां दुर्गा के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।
पूजा समितियों की ओर से पंडाल निर्माण और सजावट का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। आकर्षक रोशनी, भव्य प्रवेश द्वार और अलग-अलग धार्मिक एवं सांस्कृतिक थीम के साथ राजधानी के पूजा पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए तैयार हैं।
इन नौ पंडालों में आज से कर सकेंगे मां के दर्शन
राजधानी के नौ प्रमुख पूजा पंडालों का उद्घाटन 14 अक्टूबर को किया जाएगा। अलग-अलग पूजा समितियों की ओर से उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित होंगे।
प्रमुख पंडालों में जिला स्कूल मैदान स्थित श्री रामलला पूजा समिति, बकरी बाजार का भारतीय युवक संघ, मेन रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति, सेवा सदन पथ का राजस्थान मित्र मंडल, मोरहाबादी का गीतांजलि क्लब, रांची रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा समिति और अपर बाजार स्थित ज्योति संगम पूजा समिति शामिल हैं।
इनके अलावा भी शहर के अन्य प्रमुख पूजा स्थलों पर तैयारियां तेजी से चल रही हैं।
कहीं मंदिर तो कहीं महाभारत की दिखेगी झलक
इस बार रांची के पूजा पंडालों में अलग-अलग धार्मिक और ऐतिहासिक विषयों को आधार बनाया गया है। जिला स्कूल परिसर में वाराणसी के स्वर्वेद महामंदिर की तर्ज पर विशाल पंडाल तैयार किया गया है।
वहीं राजस्थान मित्र मंडल में महाभारत के हस्तिनापुर राजमहल की झलक देखने को मिलेगी। चंद्रशेखर आजाद पूजा समिति का पंडाल द्वारका मंदिर की शैली में तैयार किया गया है। दूसरी ओर रातू रोड और शहर के अन्य इलाकों में भी आकर्षक थीम आधारित सजावट की जा रही है।
उद्घाटन कार्यक्रमों का रहेगा विशेष आकर्षण
विभिन्न पूजा समितियों की ओर से शाम के समय उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। जिला स्कूल स्थित श्री रामलला पूजा समिति के पंडाल का उद्घाटन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा नौ कन्याओं के पूजन के बाद किया जाएगा।
इसके साथ ही कई स्थानों पर भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी तैयारी है। पूजा पंडालों के खुलने के साथ ही राजधानी में मेले और उत्सव का माहौल और भी रंगीन होने की उम्मीद है।
श्रद्धालुओं को मिलेगी दर्शन की अतिरिक्त सुविधा
चतुर्थी से ही पंडालों के पट खुलने का निर्णय श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक माना जा रहा है। इससे परिवार के साथ आने वाले लोगों को अलग-अलग दिनों में दर्शन करने का मौका मिलेगा और अष्टमी-नवमी के दौरान होने वाली अत्यधिक भीड़ से बचने में भी मदद मिल सकती है।
रांची में दुर्गा पूजा सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि शहर की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक एकता का प्रतीक भी है। इस बार चतुर्थी से ही नौ पंडालों के खुलने की पहल ने दुर्गोत्सव के उत्साह को और बढ़ा दिया है।
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