नई दिल्ली | 13 अक्टूबर 2026
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में शीर्ष अदालत ने मंगलवार को निचली अदालत में चल रही आगे की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की पीठ ने राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया है। अदालत ने दोनों पक्षों से चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 में राजस्थान में दिए गए राहुल गांधी के एक राजनीतिक भाषण से जुड़ा है। आरोप है कि राफेल विमान सौदे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी करते हुए राहुल गांधी ने उन्हें ‘कमांडर-इन-थीफ’ और ‘चोरों का सरदार’ जैसे शब्दों से संबोधित किया था।
इस टिप्पणी को लेकर भाजपा कार्यकर्ता महेश एच. श्रीश्रीमल ने महाराष्ट्र में आपराधिक मानहानि की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि इन टिप्पणियों से प्रधानमंत्री के साथ-साथ भाजपा के सदस्यों की प्रतिष्ठा को भी ठेस पहुंची है।
बॉम्बे हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
राहुल गांधी ने इस मामले में जारी समन को रद्द कराने के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, 8 सितंबर 2026 को हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की।
अब आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाते हुए महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
इस आदेश से राहुल गांधी को फिलहाल कानूनी राहत मिली है, लेकिन मानहानि का मामला अभी समाप्त नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर आगे की सुनवाई बाकी है।
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