रांची। राजधानी रांची में बसों के संचालन से जुड़े परमिट और उनके नवीनीकरण की प्रक्रिया को लेकर बस संचालकों ने अपनी चिंता जाहिर की है। बस ऑपरेटरों की मांग है कि परमिट का नवीनीकरण जल्द किया जाए और अस्थायी परमिट जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाए।
बस संचालकों का मानना है कि परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया आसान और समयबद्ध होने से बस परिचालन में आने वाली परेशानियां कम होंगी। इसका लाभ न केवल बस मालिकों को मिलेगा, बल्कि यात्रियों को भी बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बस परमिट में देरी से परेशान संचालक, सरकार से प्रक्रिया सरल करने की अपील
बस ऑपरेटरों का कहना है कि परमिट के नवीनीकरण में तेजी लाने के साथ अस्थायी परमिट जारी करने की व्यवस्था को भी अधिक सरल बनाया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि परिवहन व्यवसाय में समय की अहम भूमिका होती है। ऐसे में कागजी प्रक्रिया और अनावश्यक देरी परिचालन को प्रभावित कर सकती है।
यात्रियों पर भी पड़ सकता है असर
बसों के परमिट से जुड़ी समस्याएं केवल संचालकों तक सीमित नहीं हैं। यदि परमिट संबंधी प्रक्रियाओं में देरी होती है, तो बसों के नियमित संचालन और रूट पर उपलब्धता पर भी असर पड़ सकता है। इससे रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ सकती है।
ऑनलाइन व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की जरूरत
झारखंड परिवहन विभाग का ऑनलाइन स्टेट परमिट पोर्टल आवेदन, शुल्क भुगतान, सत्यापन और परमिट जारी करने की प्रक्रिया उपलब्ध कराता है। ऐसे में बस संचालकों की अपेक्षा है कि इस व्यवस्था को और तेज तथा पारदर्शी बनाया जाए।
अब परिवहन विभाग पर टिकी निगाहें
बस संचालकों की मांग है कि परमिट नवीनीकरण के लिए समय-सीमा तय हो और अस्थायी परमिट की प्रक्रिया में अनावश्यक औपचारिकताओं को कम किया जाए। अब देखना होगा कि परिवहन विभाग इन मांगों पर क्या कदम उठाता है।
सवाल यह है कि क्या रांची में बस परिचालन को आसान बनाने के लिए परमिट व्यवस्था में जल्द सुधार होगा?












