
वैशाली (बिहार): बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर में मंगलवार शाम एक दर्दनाक नाव हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। गंगा नदी में नाव पलटने से 13 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में अधिकांश बच्चे बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में शोक और अफरा-तफरी का माहौल है।
इस घटना पर शोक जताते हुए वैशाली जिले के लोकप्रिय समाजसेवी राघोपुर के रहने वाले ‘संजय कुमार सिंह ( मुन्ना भैया ) ने जांच की मांग की है, सरकार से मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजा राशि बढ़ाने की भी मांग उन्होंने की ।
भोज से लौटते समय हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, राघोपुर दियारा क्षेत्र के रामपुर श्यामचंद गांव के पास कुछ बच्चे और अन्य लोग पड़ोस के गांव में भोज खाने गए थे। वहां से लौटने के दौरान गंगा नदी में उनकी नाव अचानक पलट गई। नाव पर करीब 15 से 20 लोगों के सवार होने की बात सामने आई है।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दो बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि अन्य लोगों की तलाश और बचाव अभियान जारी था।
मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे का ऐलान
घटना पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में तेजी लाने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।
तेजस्वी यादव ने प्रशासन से की बात
राघोपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक और राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने वैशाली की जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों से फोन पर बातचीत कर बचाव कार्य की जानकारी ली।
तेजस्वी यादव ने अधिक से अधिक बचाव दल घटनास्थल पर भेजने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में हैं और बुधवार को पटना लौटने के बाद राघोपुर जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात करेंगे।
हादसे ने फिर उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने नदी में नाव से आवागमन करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर दियारा क्षेत्रों में नावों की क्षमता, सुरक्षा इंतजाम और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही पर ध्यान देना जरूरी है।
LocalNews 24 की अपील: नदी में नाव से यात्रा करते समय निर्धारित क्षमता और सुरक्षा नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। प्रशासन को भी नावों के संचालन और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी करनी चाहिए।












